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मूक-बधिर विद्यार्थियों का मतांतरण कर बनाना चाह रहे थे मानव बम, पाक से मिला था धन

मतांतरण मामले में एटीएस ने दिल्ली से जहांगीर आलम कासमी और मोहम्मद उमर गौतम को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ में पता चला कि आरोपी नोएडा सेक्टर-117 स्थित डेफ सोसायटी में पढ़ने वाले मूक-बधिर विद्यार्थियों का मानव बम के रूप में उपयोग करके भारत सहित पूरे विश्व को आतंकित करना चाहते थे।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, मतांतरण के लिए देश-विदेश से फंडिंग की जा रही है। मुख्यतः पाकिस्तान और अरब देशों से धन आने की बात पता चली है।

सूत्रों की मानें तो खुफिया एजेंसियाँ 100 से अधिक खातों पर नज़र रख रही हैं। इनमें से करीब 36 से अधिक खातों की जाँच हुई है। कई आतंकी संगठनों से भी धन भेजा जा रहा है।

नोएडा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “मूक-बधिर विद्यार्थियों को इसलिए निशाना बनाया क्योंकि वे सुन व बोल नहीं सकते। एक बार झांसे में आने के बाद उनके अपने धर्म के प्रति अविश्वास और इस्लाम के प्रति विश्वास पक्का करके मतांतरण आसानी से करा सकते हैं। वे फिर उनका मानव बम के रूप में उपयोग करते हैं। इसके लिए चैरिटेबल ट्रस्ट वाली संस्थाओं को प्रमुख रूप से निशाना बनाया जा रहा था।

मुंबई के मौलाना मुंजीर को पकड़ने के बाद मामले में और भी अहम जानकारियाँ मिलने की संभावना है। नागपुर का एक मूसंगठन भी एजेंसियों के निशाने पर है।

बता दें कि डासना मंदिर में साजिश के तहत विपुल विजयवर्गीय व कासिफ गए थे। मामले में विपुल, कासिफ व सलीमुद्दीन को गिरफ्तार किया गया था, जिनके कई कट्टरपंथी संगठनों से संबंध उजागर हुए थे। इसके बाद से एजेंसियाँ मामले की जड़ तक जाने में जुटी हैं।