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एनबीसीसी करेगी जेपी इंफ्राटेक की अधूरी परियोजनाएँ पूरी, 20,000 घर क्रेताओं को राहत

अधूरे घर के सपने के साथ परेशान 20,000 से अधिक क्रेताओं को राहत मिली है। जेपी इंफ्राटेक निर्माण कार्यों को अब सरकार की निर्माण शाखा एनबीसीसी पूरा करेगी। यह घर खरीदने वालों और बैंकों की एकतरफा वोटिंग के परिणाम से तय हुआ। एनबीसीसी के पक्ष में 66 प्रतिशत जरूरी वोटों की बजाए 97.36 प्रतिशत वोट पड़े।

चुनाव में अन्य बोली लगाने वाली सुरक्षा रिएलिटी को 2.12 प्रतिशत वोट मिले। एआइआई इक्विपमेंट फाइनेंस लिमिटेड को छोड़कर सभी वित्तीय लेनदारों ने एनबीसीसी की बोली के लिए मतदान किया, जबकि आईएफसीआई लिमिटेड ने मतदान प्रक्रिया से परहेज किया।

आईडीबीआई बैंक की अगुआई वाली कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (सीओसी) ने 7 दिसंबर को दिवालिया रियलिटी फर्म का अधिग्रहण करने के लिए एनबीसीसी (भारत) और मुंबई स्थित सुरक्षा रियलिटी दोनों के प्रस्तावों को लेकर वोट करने का फैसला किया था। ई-वोटिंग 10 दिसंबर से शुरू हुई और 16 दिसंबर को खत्म हुई।

तीसरी बार है, जब दोनों कंपनियों की बोलियाँ मतदान के लिए लगाई गई हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने 6 नवंबर को 90 दिनों के भीतर जेआईएल इन्सॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (आईआरपी) को पूरा करने का आदेश दिया था। दिवालिया कंपनी और उसकी परियोजनाओं की बाधा दूर होने से नोएडा, मिर्जापुर और आगरा में 22,000 से अधिक घर खरीदारों को राहत मिलेगी, जिन्होंने 10 साल तक इंतजार किया।

संकट से जूझ रही जयप्रकाश एसोसिएट्स की सहायक कंपनी जेपी इंफ्राटेक ने अगस्त 2017 में एनसीएलटी में चली गई थी। इसके बाद से इसे दिवालिया होने से बचाने की जद्दोजहद जारी थी।

एनबीसीसी की संकल्प योजना को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की स्क्रीनिंग से गुजरना होगा और मंजूरी लेनी होगी। इसके बाद निर्माण अप्रैल-2020 में शुरू होने की उम्मीद है। जेआईएल संग घर खरीदने वाले आदित्य गुटगुटिया ने कहा, “हमने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। उम्मीद है कि अब कोई कानूनी उलझन नहीं मिलेगी।”

(आईएएनएस  की सहायता से)