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गृह मंत्रालय- “विदेशों से इस्लामी कट्टरपंथी संगठनों के धन के बारे में राज्य विवरण दें”
आईएएनएस - 3rd January 2020

मंगलवार (31 दिसंबर) को गृह मंत्रालय ने राज्यों और खुफिया एजेंसियों से विदेशी मिट्टी से खासकर मध्य पूर्व के देशों से इस्लामी कट्टरपंथी संगठनों के वित्तपोषण के बारे में विवरण मांगा।

मंत्रालय ने इस्लामी समूहों के नाम और इन समूहों को पिछले पाँच वर्षों में प्राप्त धन के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी है। मंत्रालय ने उनकी गतिविधियों के बारे में भी विवरण मांगा है।

सूत्रों ने कहा कि मंत्रालय ने कुछ उदाहरणों के सामने आने के बाद विवरण मांगा, जिसमें केरल स्थित इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन को संयुक्त अरब अमीरात, तुर्की और कतर से धन प्राप्त हुआ था।

एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने कहा, “19 दिसंबर को इस्लामी कट्टरपंथी संगठन के एक वरिष्ठ सदस्य ने दुबई का दौरा किया जहाँ उन्हें कुछ विचारधाराओं को फैलाने के लिए भारतीय मुद्रा में 40 लाख रुपये की पेशकश की गई थी।”,अधिकारी ने आगे कहा कि जिस इस्लामी समूह की पहचान हुई है वह भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है।

इसी तरह की एक और घटना भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठान के सामने आई, जिसमें उसी संगठन के सदस्यों ने कतर में तुर्की के कुछ लोगों से मुलाकात की और गैर-मुस्लिम समुदायों के खिलाफ जिहाद फैलाने के लिए धन की मांग की।

अधिकारी ने स्पष्ट किया कि केरल में कट्टरपंथ का बोलबाला रहा है जहाँ कई युवा कट्टरपंथी इस्लामी समूहों द्वारा फसाए जा रहे हैं।

अधिकारी ने बताया, “पहले इन समूहों को पहचानने की जरूरत है और बाद में इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।”

अधिकारी ने कहा, “एक दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है और एनआईए ने आईएसआईएस के संदिग्ध सदस्यों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत कई मामले दर्ज किए हैं।”

उन्होंने बताया कि केरल में संदिग्ध आतंकी संगठनों पर नकेल कसने के बाद से कुछ कट्टरपंथी इस्लामी संगठनों ने विदेशी धरती से धन प्राप्त करने के बाद भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होना शुरू कर दिया है।

(इस समाचार को वायर एजेंसी फीड की सहायता से प्रकाशित किया गया है।)