समाचार
चर्च यौन शोषण मामलों से निपटने के लिए हो रहा सम्मेलन, पोप सहित कई सम्मिलित

पोप फ्रांसिस ने गुरुवार (21 फरवरी) को चार दिवसीय वेटिकन सम्मेलन का उद्घाटन किया जिसमें कुछ पादरियों द्वारा किए जा रहे बच्चों के यौन शोषण से लड़ने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी, गार्जियन  ने बताया। वैटिकन द्वारा ऊँचे ओहदे के पादरियों की अभूतपूर्व बैठक से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि यौन दुर्वयवहार की समस्या कितनी व्यापक है

पिछले एक साल से भीषण खुलासों, जिनमें हजारों कैथोलिक पुजारियों ने नाबालिगों और सेमिनार में आने वाले वयस्कों के साथ यौन उत्पीड़न किया के बावजूद फ्रांसिस की उदासीन प्रतिक्रिया के कारण वे आक्रोश का पात्र बने हुए हैं खुद फ्रांसिस पर उन पादरियों के यौन अपराधों को ढँकने का आरोप लगा है।

अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में फ्रांसिस ने “बाल यौन शोषण से आहत बच्चों और बुजुर्गों के गंभीर घावों को ठीक” करने के लिए चर्चों का आह्वान किया

पोप ने कहा, “भगवान के पवित्र लोग सरल और स्पष्ट निंदाओं के लिए नहीं बल्कि ठोस और कुशल उपायों की प्रतिक्षा कर रहे हैं।

सम्मेलन में कुछ 110 राष्ट्रीय कैथोलिक बिशप और वेटिकन में धार्मिक आदेशों के दर्जनों विशेषज्ञों और प्रमुख धार्मिक नेताओं द्वारा भाग लिया जा रहा है। बैठक में लिपिक यौन शोषण को रोकने के लिए समाधानों पर चर्चा की जाने की उम्मीद है।

कई आलोचकों ने इस आयोजन को कुछ संस्थानों द्वारा विश्वसनीयता बनाए रखने के उद्देश्य से मात्र एक प्रचार स्टंट की तरह देखा क्योंकि ये संस्थान वही हैं जिनका तीन दशकों से अधिक समय से सैकड़ों यौन शोषण घोटालों से संबंध रहा है।

यह बैठक एक फ्रांसीसी पत्रकार फ्रैडरिक मार्टेल द्वाराइन वैटिकॉन ऑफ वेटिकन: पावर, होमोसेक्शुअलिटी, हाइपोक्रेसीनामक एक नई पुस्तक की वैश्विक रिलीज़ के बीच होगी जो दावा करती है कि 80 प्रतिशत वैटिकन पादरी समलैंगिक हैं।

पुस्तक में यह भी दावा किया गया है कि यौन शोषण के अधिकांश मामलों में पादरी और बिशप शोषणकर्ताओं की रक्षा करते हैं क्योंकि उन्हें डर है कि खुलासा होने पर उनकी खुद की समलैंगिकता उजागर हो सकती है।