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श्रीनगर में आतंकवाद व हिंदू उत्पीड़न के कारण बंद शीतल नाथ मंदिर 31 वर्ष बाद खुला

श्रीनगर के हब्बा कदल क्षेत्र में स्थित शीतल नाथ मंदिर मंगलवार (16 फरवरी) को लंबे समय बाद फिर से खुल गया। मंदिर ने 31 वर्ष पहले भक्तों के लिए अपने कपाट आतंकवाद और हिंदुओं के उत्पीड़न के कारण बंद कर दिए थे।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, शीतल नाथ मंदिर को वसंत पंचमी के त्योहार पर फिर से खोला गया और एक विशेष पूजा आयोजित की गई।

मंदिर में पूजा करने आए भक्त संतोष राजदान ने कहा, “हम हर वर्ष इस पूजा को करते हैं। बाबा शीतल नाथ भैरव की जयंती वसंत पचमी पर पड़ती है इसीलिए हम इस दिन को धूमधाम से मनाते हैं।”

कश्मीर में इस्लामिक आक्रमण के दौरान मंदिरों के साथ हिंदू उत्पीड़न की भी ऐतिहासिक जड़ें हैं। मार्तंड सूर्य मंदिर, शारदा पीठ सहित कई प्राचीन मंदिरों को नष्ट कर दिया गया और मूर्तियों को इस्लामिक आक्रमणकारियों ने उजाड़ दिया था। वहीं, वहाँ रहने वाले लोगों का जबरन धर्मांतरण करवाया गया था।

2012 में जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा जारी किए गए आँकड़ों के अनुसार, घाटी में राज्य के लगभग आधे मंदिर दो दशकों में क्षतिग्रस्त हो गए। राज्य सरकार ने भाजपा विधायक के सवाल के जवाब में राज्य विधानसभा को एक लिखित जवाब में कहा था कि घाटी में 438 मंदिरों में से 208 मंदिर पिछले कुछ वर्षों में क्षतिग्रस्त हो गए।