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पाकिस्तान में हिंदू लड़की का फिर जबरन धर्मांतरण, राजमार्ग पर विरोध प्रदर्शन

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में प्रभावशाली मुस्लिम युवक द्वारा हिंदू लड़की के अपहरण और जबरन धर्मांतरण के विरोध में स्थानीय हिंदू अल्पसंख्यकों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इमरान सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से राजमार्ग जाम कर दिया था।

इंडिया टुडे  की रिपोर्ट के अनुसार, रहीम यार खान में नैना की बरामदगी के लिए लोगों ने तख्तियां लेकर नारे लगाए। एफआईआर के मुताबिक, आरोपी ताहिर ने पिता और भाइयों की मदद से लड़की का अपहरण किया। वह उसे करांची ले गया और उससे शादी की। फिर उसने वहाँ के एक मदरसे जमातुल सईद गुलशन-ई-मईमार में लड़की को जबरन इस्लाम कुबूल करवाया। शिकायत की गई कि धर्म परिवर्तन के बाद नैना का नाम नूर फातिमा रख दिया गया।

विरोध के दौरान लड़की के पिता ने धमकी दी है कि अगर उसे न्याय नहीं मिला तो वह खुद को आग लगा लेगा। हालांकि, पुलिस की ओर से उन्हें भरोसा दिया गया है कि जल्द उन्हें न्याय दिलवाया जाएगा। पुलिस प्रमुख उमर फारुक सलामत ने कहा कि लड़की की बरामदगी के लिए पुलिस दल को कराची भेजा गया है।

इस सप्ताह पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में हिंदू और ईसाई धर्म की लड़कियों के जबरन धर्म परिवर्तन पर चिंता जाहिर की थी। उसने कहा, “पिछले साल सिर्फ दक्षिण सिंध प्रांत में करीब एक हजार ऐसे मामले सामने आए थे। जिन शहरों में ऐसे मामले बार-बार आते हैं, उनमें उमरकोट, थारपारकर, मीरपुरखास, बादिन, कराची, टांडो अल्लाहियार, काशमोर और घोटकी शामिल हैं।”

पाकिस्तान में हिंदू सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय है। आधिकारिक अनुमान के अनुसार, “पाकिस्तान में 75 लाख हिंदू रहते हैं। उनमें अधिकतर हिंदू आबादी सिंध प्रांत में बसी है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सिंध प्रांत के उमरकोट जिले में हर महीने लगभग 25 जबरन शादियाँ होती हैं।