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नन दुष्कर्म मामले में बिशप फ्रेंको की आरोपमुक्त वाली याचिका न्यायालय ने की खारिज

उच्च न्यायालय ने मंगलवार को केरल के नन दुष्कर्म मामले में बिना ट्रायल के आरोपमुक्त किए जाने की मांग वाली बिशप फ्रेंको मुलक्कल की याचिका को खारिज कर दिया।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी फ्रेंको ने अपनी याचिका में दावा किया था कि उसे दोषी साबित करने के लिए सबूतों की कमी है। साथ ही गवाहों के दर्ज बयानों में विरोधाभास भी था इसलिए मामले को आगे बढ़ाने के लिए कोई सुबूत नहीं है।

उधर, अभियोजन पक्ष ने कहा कि फ्रेंको जानबूझकर देरी करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद न्यायमूर्ति शर्की वी की एकल पीठ ने याचिका खारिज कर दी। राज्य सरकार ने भी न्यायालय से कहा कि मुलक्कल के खिलाफ मामला जारी रखने के हमारे पास पर्याप्त सबूत हैं।

गत माह ट्रायल कोर्ट ने बिशप को एक जुलाई को पेश होने के लिए कहा था लेकिन उसने जालंधर में अपना घर कंटेनमेंट जोन में होने की वजह से आने से मना कर दिया था। वहीं, बिशप की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कोच्चि में धरने पर बैठने वाली पाँच नन में से एक सिस्टर अनुपमा ने कहा था कि उन्हें देश की न्याय व्यवस्था पर भरोसा है।

बता दें कि दो साल पहले एक 43 वर्षीय नन ने मध्य केरल के कोट्टायम में पुलिस से शिकायत की थी कि 2014 से 2016 के बीच मुल्लकल ने उसका कई बार दुष्कर्म किया। नन पंजाब में स्थित जीसस मण्डली के मिशनरीज की सदस्य हैं।