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हेमंत सरकार की सामूहिक छठ पूजा पर रोक, पार्टी समेत सहयोगी व विपक्षी आए विरोध में

झारखंड में सामूहिक रूप से छठ पर्व मनाने पर हेमंत सोरेन सरकार के रोक के आदेश के बाद उनका राजनीतिक तौर पर विरोध शुरू हो गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और सहयोगी पार्टी कांग्रेस के अलावा भाजपा सहित अन्य दलों ने विरोध के स्वर प्रबल कर दिए।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने मुख्यमंत्री को आदेश के विरोध में सोमवार (16 नवंबर) को ज्ञापन सौंपा। गिरिडीह के विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने भी छठ घाटों पर पूजा की अनुमति देने की मांग की।

सोशल मीडिया पर हेमंत सरकार के आदेश का खूब विरोध हो रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि चुनावी कार्यक्रमों के लिए भीड़ एकत्रित करने की स्वतंत्रता है तो छठ पूजा के लिए क्यों नहीं? भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा, “सरकार के इस निर्णय से सनातनी समाज को गहरा आघात लगा है। तत्काल इस पर पुनर्विचार करें।”

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा, “कोविड-19 की वजह से सावधानी आवश्यक है लेकिन इसका आशय यह कतई नहीं है कि किसी को छठ घाट के किनारे पूजा करने से वंचित किया जाए।”

बता दें कि झारखंड सरकार ने रविवार (15 नवंबर) देर रात दिशा-निर्देश जारी कर महमारी के चलते पूरे राज्य में नदियों, तालाबों व अन्य जल स्रोतों के तट पर आयोजित होने वाली पवित्र छठ पूजा और पूजा के अवसर पर संगीत कार्यक्रमों के आयोजन पर रोक लगा दी है। मुख्य सचिव सुखदेव सिंह की अध्यक्षता वाली राज्य आपदा प्रबंधन समिति ने इसकी जानकारी दी थी।