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हेलिकॉप्टर से हुआ स्वदेशी हेलीना मिसाइल का अंतिम परीक्षण शत प्रतिशत रहा सफल

हेलिकॉप्टर से दागी जाने वाली एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल हेलीना का राजस्थान के पोखरण में शुक्रवार (19 फरवरी) को सफल परीक्षण किया गया। इसमें मिसाइल शत प्रतिशत सफल साबित हुई। अब यह भारतीय सेना और वायुसेना में शामिल होने के लिए तैयार है।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, हेलीना मिसाइल तीसरी पीढ़ी का एक एंटी टैंक हथियार है। इसमें इंफ्रा-रेड सीकर, फायर एंड फर्गट जैसी सुविधाएँ हैं। इसकी तुलना चीन की पीएलए की वायर गाइडेड एचजे-8 और पाकिस्तान द्वारा बनाई गई लेज़र गाइडेड मिसाइल बार्क से होती है।

रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, गत 5 दिनों में हेलीना मिसाइल का सात किलोमीटर से अधिक दूरी तक परीक्षण किया गया। पाँचों बार मिसाइल ने शत-प्रतिशत परिणाम दिए। अंतिम परीक्षण आज किया गया। परीक्षण के लिए मिसाइल एएलएच ध्रुव हेलिकॉप्टर से दागी गई थी।

इस मिसाइल में किसी भी मौसम और दिन या रात में अपने लक्ष्य को भेदने की अचूक क्षमता है। मिसाइल के भारतीय वायुसेना के संस्करण को ध्रुवस्त्र कहा जाता है। इसे अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने विकसित किया है। यह पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से बनाई गई है।