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अयोध्या मामले में 40 दिनों की निरंतर सुनवाई पूरी, सर्वोच्च न्यायालय का फैसला सुरक्षित

सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या मामले की सुनवाई पूरी कर ली है। 40 दिन तक चले इस मामले में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद संवैधानिक पीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने इससे पहले दोनों पक्षों को आज ही सुनवाई पूरी करने के लिए कहा था।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई अगले महीने 18 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि अयोध्या मामले में इससे पहले फैसला आ सकता है।

न्यायालय ने आज सुनवाई पूरी करते हुए दोनों पक्षों को तीन दिन के अंदर मोल्डिंग ऑफ रिलीफ़ पर लिखित जवाब देने के लिए कहा है। वहीं, सुनवाई मोल्डिंग ऑफ रिलीफ़ पर मुस्लिम पक्षकार के वकील धवन ने बाबरी मस्जिद की पुरानी स्थिति बहाल करने की माँग की‌।

मोल्डिंग ऑफ रिलीफ़ का उपयोग प्रायः नागरिक मामलों, विशेषकर भूमि या अधिकार वाले मामलों में। इसका अर्थ होता है कि न्यायालय द्वारा याचिकाकर्ता की मांग न पूरी होने की स्थिति में उसे वैकल्पिक रूप से क्या दिया जाएगा।

न्यूज़ 18 की रिपोर्ट के अनुसार, मुस्लिम पक्ष के वकील ने राजीव धवन ने सुनवाई खत्म होने के दौरान न्यायालय से सभी को सुरक्षित रखने की गुहार लगाई।

इससे पहले, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 30 नवंबर तक राज्य के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर दी है। एक आदेश में कहा गया है कि राज्य के सभी अधिकारी और कर्मचारी को 30 नवंबर तक अति आवश्यक स्थिति को छोड़कर छुट्टी नहीं दी जाएगी।