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केरल सोना तस्करी- न्यायालय का ईडी अधिकारियों पर प्राथमिकी रद्द करने का आदेश

केरल उच्च न्यायालय ने सोना तस्करी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों के खिलाफ राज्य के पुलिस की अपराध शाखा की ओर से दर्ज प्राथमिकियों को रद्द करने का आदेश दिया है। मामले के दो आरोपियों ने आरोप लगाया था कि ईडी अधिकारियों ने उन्हें मुख्यंमत्री पिनराई विजयन के खिलाफ बयान देने के लिए विविश किया था।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, केरल की एलडीएफ सरकार केंद्रीय एजेंसी पर शुरुआत से ही सवाल खड़े कर रही है। श्रीरामकृष्णनन ने हमेशा कहा है कि जाँच एजेंसी राजनैतिक उद्देश्य से इस मामले की जाँच कर रही है।

हालाँकि, केंद्र सरकार से सोना तस्करी मामले को लेकर खींचतान कर रही राज्य की एलडीएफ सरकार के लिए केरल उच्च न्यायालय का यह निर्णय एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। कुल मिलाकर एलडीएफ सरकार ने जाँच एजेंसी के खिलाफ तीन मामले दर्ज किए थे और इसके खिलाफ न्यायिक जाँच की भी घोषणा की थी।

इनमें से एक मामला आरोपी संदीप नायर के बयान पर आधारित था। इसमें उसने कहा था कि उस पर राज्य सरकार और मुख्यमंत्री को तस्करी के मामले में फंसाने का दबाव था। इससे पूर्व, दायर एक अन्य मामले के अनुसार, मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री, उनके तीन मंत्रियों और सभापति को वाणिज्य दूतावास के माध्यम से तस्करी गतिविधियों की जानकारी थी।

सोमवार को ईडी ने कर्नाटक उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा कर मांग की थी कि अधिकारियों के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी को रद्द किया जाए। इसके माध्यम से अधिकारियों को धमकाया जा रहा। साथ ही सोने तस्करी के मामले को कमज़ोर करने की यह एक सोची-समझी चाल है।