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हाथरस में सांप्रदायिक दंगे भड़काने की जाँच हेतु योगी सरकार ने किया एसटीएफ का गठन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने खुलासा किया कि विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की एक टीम हाथरस की घटना की पृष्ठभूमि में जातीय और सांप्रदायिक मोर्चे पर दंगों की साजिश रचने की जाँच करेगी।

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, हाथरस के चंदपा पुलिस स्टेशन में इसको लेकर मामला दर्ज किया गया है। एसटीएफ की विशेष इकाई के गठन का निर्णय तब लिया गया था, जब यह सामने आया था कि राज्य में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार को बदनाम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योजना बनाई जा रही थी।

सीएमओ ने एक बयान में कहा, “एसटीएफ की विशेष इकाई हाथरस के बहाने राज्य में जातीय और सांप्रदायिक दंगे भड़काने की साजिश की जाँच करेगी। हाथरस के चंदपा थाने में दर्ज मामला एसटीएफ की एक विशेष इकाई के हवाले है। पाकिस्तान, यूएई और बांग्लादेश सहित सभी इस्लामी देशों से योगी सरकार को बदनाम करने के लिए बड़ी धनराशि एकत्र की गई और षड्यंत्र रचे गए थे। फर्जी सूचना, संपादित तस्वीरों और अफवाहों को फैलाने के साथ पीड़िता के क्षेत्र को उकसाकर राज्य में जातीय और सांप्रदायिक दंगों को फैलाने की एक बड़ी कोशिश की गई थी।”

7 अक्टूबर को हाथरस जाने के लिए मथुरा में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े चार लोगों के खिलाफ शांति भंग के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी। यह कथित तौर पर बड़ी साजिश का एक हिस्सा था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पहले से ही इन व्यक्तियों से पूछताछ कर रहा है।

एफआईआर कुछ मीडिया रिपोर्टों पर भी इशारा करती है, जिसमें विभिन्न जातियों के बीच गुटों को भड़काने के लिए कुछ असामाजिक तत्वों के इरादों का पता चला है। इस बीच, हाथरस में पीड़िता की मौत का कारण बने चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो रही है और घटना की जाँच की जा रही है।