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राजस्व हानि पहुँचाने के लिए हरियाणा सरकार के पूर्व अधिकारी की होगी पेंशन कटौती?

हरियाणा के आबकारी और कराधान विभाग के एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी को अपने सेवानिवृत्ति के बकाया से 26 लाख रुपये का भुगतान करना होगा और अपने कार्यों के कारण राज्य को राजस्व हानि पहुँचाने के लिए पेंशन में कटौती करवानी होगी।

द ट्रिब्यून  की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने आदेश जारी करते हुए कहा कि सेवानिवृत्त उप-आबकारी और कराधान आयुक्त (डीईटीसी) कमला चौधरी को अपने सेवानिवृत्त की बकाया से 26,74,104 रुपये का भुगतान करना होगा, जिसे विभाग द्वारा रोक दिया गया है और उन्हें अपने कार्यों के लिए दंड के रूप में 5,000 रुपये प्रति माह पेंशन राज्य सरकार को देनी होगी।

चौधरी इस तरह की कार्रवाई का सामना करने वाले विभाग के पहले वरिष्ठ अधिकारी हैं। हरियाणा के आबकारी एवं कराधान विभाग में 10,600 करोड़ रुपये के घोटाले के सामने आने के बाद आईपीएस अधिकारी श्रीकांत जाधव की अध्यक्षता में एक एसआईटी द्वारा की गई जाँच में वे कुछ अधिकारियों में से एक थे, उन पर आरोप था कि उन्होंने हरियाणा के आबकारी एवं कराधान विभाग में बेईमान डीलरों को मदद पहुँचाई।

हरियाणा सिविल सेवा (सजा और अपील) नियम 1987 के नियम सात के तहत एक आरोप-पत्र उन्हें जारी किया गया था, जिसपर उन्होंने 19 मई 2016 को आरोप-पत्र में अपना जवाब प्रस्तुत किया था। पूरे मसले पर बोलते हुए सेवानिवृत अधिकारी चौधरी ने कहा कि इस फैसले को हम कोर्ट में चुनौती देंगे।