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हाफिज़ सईद को पाकिस्तान के न्यायालय द्वारा आतंक वित्तपोषण मामले में 10 वर्ष का दंड

मुंबई बम धमाकों के मास्टरमाइंड और आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा व जमात-उद-दावा के मुखिया हाफिज़ सईद को 10 वर्ष की सज़ा सुनाई गई है। पाकिस्तान के आतंक निरोध न्यायालय ने गुरुवार (19 नवंबर) को आतंकी वित्तपोषण मामले में यह निर्णय दिया।

न्यूज़-18 की रिपोर्ट के अनुसार, लाहौर न्यायालय के एक अधिकारी ने बताया, “आतंकवादी निरोध न्यायालय ने जमात-उद-दावा के चार नेताओं को सज़ा सुनाई है। इसमें उनका प्रमुख हाफिज़ सईद भी शामिल है। एटीसी न्यायालय क्रमांक 1 के न्यायाधीश अरशद हुसैन भुट्टा ने मामला नंबर 16/19 और 25/19 की सुनवाई की। ये मामले काउंटर टेरेरिज्म डिपार्टमेंट की तरफ से दाखिल किए गए थे।”

अधिकारी ने आगे बताया, “संगठन के नेताओं के खिलाफ कुल 41 मामले दर्ज हैं। इनमें से 24 मामलों पर फैसला आ चुका है, जबकि बचे हुए मामलों पर सुनवाई होनी बाकी है। सईद के खिलाफ चार मामलों में फैसला आ चुका है।

हाफिज़ सईद को गत वर्ष 17 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। उसे फरवरी 2020 में एक आतंकवाद निरोधी न्यायालय ने आतंकी गतिविधियों में आर्थिक मदद पहुँचाने को लेकर 11 वर्ष कैद की सज़ा सुनाई थी। वर्तमान में वह लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद है। संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका ने पहले ही सईद को वैश्विक आतंकी घोषित किया हुआ है।

इससे पूर्व, आतंकवाद रोधी न्यायालय ने दो प्राथमिकियों से जुड़े मामले में जमात-उद-दावा के प्रवक्ता याह्या मुजाहिद को 32 वर्ष की सज़ा सुनाई। वहीं, दो मामलों में प्रोफेसर जफर इकबाल और प्रोफेसर हाफिज़ अब्दुल रहमान मक्की (सईद के रिश्तेदार) को क्रमश: 16 व एक वर्ष कैद की सज़ा सुनाई है।