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पाकिस्तान- हाफिज़ सईद पर आतंकियों को धन उपलब्ध कराने के मामले में आरोप तय

आतंकियों को धन उपलब्ध कराने के मामले में मुंबई हमले का मास्टरमाइंड और जमात-उल-दावा प्रमुख हाफिज़ सईद पर पाकिस्तान के एक न्यायालय में आरोप तय किए गए।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, लाहौर की आतंक निरोधी अदालत के जज मलिक अरशद भुट्टा ने हाफिज़ सईद और उसके साथियों के खिलाफ पंजाब प्रांत के विभिन्न शहरों में आतंकी संगठनों को धन मुहैया कराने के आरोप तय किए। हाफिज़ और उसके साथियों के खिलाफ पंजाब प्रांत के विभिन्न शहरों में 23 मामले दर्ज हैं। हाफिज़ को 17 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था।

हाफ‍िज़ सईद लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद है। उस पर लाहौर, गुजरांवाला और मुल्तान में अल-अंफाल ट्रस्ट, दावातुल इरशाद ट्रस्ट और मुआज बिन जबाल ट्रस्ट समेत ट्रस्ट या गैर-लाभ संगठनों के नाम पर रकम जुटाकर आतंकियों की धन मुहैया कराने का आरोप है।

पिछली सुनवाई पर लाहौर की आतंकवाद निरोधी अदालत में सरकारी वकील अब्दुर रऊफ भट्टी ने मामले में जल्‍द सुनवाई करके फैसला सुनाने का अनुरोध किया था। वहीं, हाफ‍िज़ सईद के वकील का कहना है कि अभी सुबूतों को लेकर सुनवाई पूरी होनी बाकी है।

सूत्रों की मानें तो जमात-उद-दावा को लश्कर का प्रमुख संगठन माना जाता है। इसी ने 2008 में मुंबई में आतंकी हमलों को अंजाम दिया था। इन हमलों में 166 लोगों की मौत हो गई थी। भारत पहले ही मुंबई हमले में हाफिज़ सईद और उसके संगठन के अन्य लोगों के हाथ होने के सुबूत पाकिस्तान को सौंप चुका है। हालांकि, एफएटीएफ और तमाम वैश्विक संस्‍थाओं के दबाव के बावजूद पाकिस्तान की सरकार सईद के खिलाफ कुछ करने के लिए तैयार नहीं नज़र आ रही है।