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गुरुग्राम- मुस्लिम युवक के आरोप निकले गलत, न टोपी उतारी गई और न कपड़े फाड़े गए

गुरुग्राम में मुस्लिम युवक ने कुछ लड़कों पर मारपीट के दौरान उसकी जबरदस्ती सिर से टोपी हटाकर फेंकने का जो आरोप लगाया था, वो सीसीटीवी फुटेज में गलत पाया गया है। न्यूज 18 हिंदी  की रिपोर्ट के अनुसार, मुस्लिम द्वारा मारपीट के दौरान उसके कुर्ते को फाड़ने वाली बात भी झूठी पाई गई है।

इससे पहले मुस्लिम युवक ने आरोप लगाया था कि उस पर 26 मई की रात को टोपी पहनने को लेकर हमला हुआ था। उसने यह भी आरोप लगाया था कि कुछ युवक उसे जबरदस्ती जय श्रीराम के नारे लगाने को कह रहे थे।

इस कथित घटना को लेकर भाजपा के नवनिर्वाचित सांसद गौतम गंभीर भी मुस्लिम युवक की पिटाई के विरोध में सोशल मीडिया में कूद पड़े थे। इसके बाद गंभीर को ट्रोल कर दिया गया था।

पुलिस की शुरुआती जाँच में यह पता चला है कि मोहम्मद बरकर आलम वास्तव में कुछ युवाओं के साथ हाथापाई पर उतर आया था। हालाँकि, इस दौरान न तो उसकी सिर से टोपी (लड़ाई के दौरान सिर से गिर गई, जिसने उसे उठाया और जेब में डाल लिया) हटाकर फेंकी गई और न ही उसका कुर्ता फाड़ा गया था।

पुलिस ने दावा किया है कि यह एक साधारण सी हाथापाई की घटना थी, जिसको बेवजह सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही थी।