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सर्वाधिक वायु प्रदूषण गुरुग्राम में, भारत के कई शहर शीर्ष 20 में- ग्रीनपीस रिपोर्ट

आई क्यू एयर विज़ुअल्स ने दक्षिण-पूर्व एशिया के ग्रीनपीस के साथ मिलकर वायु प्रदूषण पर विश्व वायु गुणवत्ता 2018 रिपोर्ट सोमवार (5 मार्च) को जारी की है। इसमें विश्व की सबसे प्रदूषित शहरों को स्थान उनके कणिका तत्व (पीएम 2.5) को देख कर दिया है। इस रिपोर्ट का उद्देश्य यह था कि लोगों को पता लगे कि जिन शहरों में वे रह रहें हैं, वे कितने प्रदूषित हैं।

इस रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के 20 सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में भारतीय शहरों की गिनती सबसे ज़्यादा है। इसी रिपोर्ट के शीर्ष पांच शहरों में हरियाणा का गुरुग्राम पहले स्थान पर है, गाज़ियाबाद दूसरे, फरीदाबाद और भिवाड़ी चौथे और पांचवें स्थान पर हैं। भारत के बहुत से और भी शहर इस रिपोर्ट में हैं पर शीर्ष 20 में जो शहर हैं नॉएडा और पटना जो छठे और सातवें स्थान के साथ, लखनऊ नौंवें पर, राजधानी दिल्ली, जोधपुर, मुज़्ज़फ़रपुर, वाराणसी, मोरादाबाद और आगरा 11 से 16वें स्थान पर है, बिहार का गया विश्व का 18वाँ सबसे प्रदूषित शहर है और हरियाणा का ही शहर जींद इस रिपोर्ट में 20वें स्थान पर है।

इन शीर्ष 20 स्थानों के बीच पाकिस्तान के शहर फैज़ाबाद और लाहौर तीसरे और 10वें स्थान पर हैं, चीन के होतान और कश्गन दुनिया के आठवें और 19वें 2018 के विश्व में सबसे प्रदूषित शहर हैं। इसी श्रृंखला में बंगलादेश की राजधानी ढाका ने भीं 17वाँ स्थान हासिल किया है।

क्या है पीएम 2.5 ? 

कणिका तत्व (पीएम 2.5) यह वायु प्रदूषक है जो लोगों की स्वास्थ्य के लिए एक तरह का खतरा भी कह सकता है। जब यह हवा में मिलते हैं तब हवा धुंधली होनी शुरू हो जाती है।  अगर इनके आकर का अंदाजा लगाया जाए तो यह प्रदूषक मानव शरीर के बाल से 30 गुना से भी ज़्यादा छोटे होते हैं।