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गुज्जर आंदोलन: ट्रेनें रद्द, राष्ट्रीय हाईवे बन्द और “सरकार हमें उकसाए नहीं” -बैंसला

पिछले शुक्रवार (8 फरवरी) से चलते आ रहे गुज्जर आंदोलन ने रविवार (10 फरवरी) को हिंसक रूप धारण कर लिया। राजस्थान के धौलपुर ज़िले में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की दो गाड़ियों और एक बस को आग लगा दी। पुलिस के मुताबिक पहले दर्जन की संख्या में हवाई फायर किए गए फिर 100 के करीब की भीड़ ने पुलिस के वाहनों पर पथरबाज़ी शुरू कर दी।

आज गुज्जर आंदोलन का चौथा दिन था, और प्रदर्शनकारियों ने राजस्थान के दौसा ज़िले में, राष्ट्रीय हाईवे-11 बन्द कर रखा है जो जयपुर को आगरा से जोड़ता है।

राजस्थान में गुज्जर समुदाय सरकारी नौकरी और शैक्षणिक संस्थानों में पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहा है, इसीलिए चार दिन से चलते आ रहे प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने एक राष्ट्रीय हाईवे, दो प्रदेश हाईवे और दिल्ली-मुम्बई रेल लाईन बन्द कर रखी है।

किरोड़ी सिंह बैंसला, जिसे गुज्जर आंदोलन का चेहरा बताया जा रहा है, जो खुद एक अवकाश प्राप्त फौजी है, उसने एएनआई को बताया कि, हम पांच प्रतिशत आरक्षण मिलने के बाद ही उठेंगे और “मेरी सरकार से यह निजी तौर पर विनती है कि हमें उकसाने का कोई कार्य ना करें, राजस्थान के लोग मेरे इशारे का इंतेज़ार कर रहें है”, -एएनआई ने रिपोर्ट किया