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गुजरात सरकार ने तय की आर्थिक पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने की एकमात्र योग्यता

सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े (ईडब्ल्यूएस) लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए गुजरात सरकार केवल 8 लाख रुपये सालाना आय के ही मानदंड को स्वीकार करेगी, द न्यू इंडियन एक्सप्रेस  ने बताया। रिपोर्ट के अनुसार बुधवार (23 जनवरी) को हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया।

राज्य सरकार ज़मीन और घर की अर्हताओं पर विचार नहीं करेगी यदि सालाना आय 8 लाख रुपये से कम के दायरे में आती है तो। हालाँकि इस योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलेगा जो 1978 के पहले से राज्य में निवास कर रहे हैं।

“सरकार ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित कर रखी हैं इसलिए आर्थिक रूप से पिछड़ी सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए 10 प्रतिशत में से 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित होंगी।”, सरकारी कथन द्वारा बताया गया।

“सरकार ने निर्णय लिया है कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की एकमात्र योग्यता 8 लाख रुपये से कम वार्षिक आय होगी।”, कथन में उल्लेखित था।

हालाँकि केंद्र ने इस आरक्षण को पाने की योग्यता में 8 लाख रुपये से कम वार्षिक आय के साथ 5 एकड़ से कम खेतीहर ज़मीन और नगर में 1,000 स्क्वायर फीट से कम क्षेत्रफल के घर की अर्हता को भी रखा था।