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राज्यों के पास 86 प्रतिशत उधार राशि शेष, फिर भी उच्चतम सीमा 2 प्रतिशत अंक बढ़ाई

रविवार (17 मई) को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने माना कि कोविड-19 के कारण केंद्र की तरह ही राज्यों की आय में भी कमी हुई है। ऐसे में 46,038 करोड़ रुपये की राशि का हस्तांतरण किया गया। राज्य आपदा राहत कोष से अप्रैल के पहले सप्ताह में ही प्रदेशों को 11,092 करोड़ रुपये दिए गए। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड नियंत्रण के लिए 4,113 करोड़ रुपये राज्यों को दिए।

अभी तक प्रदेशों ने उनके लिए तय उधार राशि का 14 प्रतिशत ही लिया है व 86 प्रतिशत भाग शेष है। इसके बावजूद केंद्र से ली जाने वाली राशि की सीमा बढ़ाकर सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है।

इसमें से जीएसडीपी की 3.5 प्रतिशत राशि बिना किसी शर्त के उधार ली जा सकती है। अन्य 1 प्रतिशत 0.25 प्रतिशत की चार किश्तों में चार क्षेत्रों में सुधारों के आधार पर बढ़ाया जाएगा। ये चार क्षेत्र हैं- ‘एक राष्ट्र, एक आधार कार्ड’, व्यापार सहजीकरण, शहरी निकायों के आय के साधनों में वृद्धि और बिजली वितरण। इसके अतिरिक्त 0.5 प्रतिशत की सीमा तब बढ़ाई जाएगी जब चार सुधार क्षेत्रों में से कम से कम तीन क्षेत्रों में मील के पत्थर प्राप्त कर लिए जाएँगे।