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क्रिश्चन कॉलेज की लड़कियाँ असुरक्षित माहौल में- मद्रास उच्च न्यायालय

मद्रास उच्च न्यायालय ने शुक्रवार (16 अगस्त 2019) को एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि लड़कियाँ क्रिश्चन संस्थान में सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं।

अदालत ने यह टिप्पणी क्रिश्चन कॉलेज के एक प्रोफेसर द्वारा दायर याचिका पर की। याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कहा था कि उनके ऊपर कॉलेज की आंतरिक समिति यौन उत्पीड़न की जाँच कर रही है, जिसे खारिज किया जाए।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, जज एस वैद्यनाथन ने मामले की सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा, “माता-पिता को अब यह एहसास होने लगा है कि क्रिश्चन कॉलेज में उनके बच्चे सुरक्षित नहीं है। क्रिश्चन कॉलेज ने पढ़ाई के मानकों को ठीक किया है, लेकिन नैतिकता मामले में वे बहुत नीचे हैं।”

इसके बाद अदालत ने याचिका खारिज करते हुए आदेश दिया कि याचिकाकर्ता को आंतरिक समिति के सामने पेश होना चाहिए और वहाँ न्याय की माँग करनी चाहिए। उक्त प्रोफेसर पर कुछ दिन पहले ही संस्थान की 34 छात्राओं ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था, जिसकी जाँच वहाँ की आंतरिक समिति कर रही है।