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ग्रेटा थनबर्ग बोलीं, “कोविड-19 महामारी के बीच जेईई-नीट परीक्षा करवाना अनुचित”

स्वीडन की कम उम्र की पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग कथित रूप से स्कूल लौट आई हैं। उन्होंने भारत में जेईई, नीट परीक्षा को स्थगित करने के लिए कहा है। इसके लिए उन्होंने अपना समर्थन देने को ट्विटर का सहारा लिया है।

कोविड-19 की वैश्विक महामारी के बीच में ग्रेटा थनबर्ग ने परीक्षा करवाने के निर्णय को पूरी तरह से अनुचित ठहराया है। कई प्रदर्शनकारी छात्रों और कुछ राजनेताओं के परीक्षा को फिलहाल स्थगित करने की मांग को उन्होंने अपना समर्थन दिया है।

टाइम्स नाऊ वेबसाइट की एक रिपोर्ट कहती है कि अब तक पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, सुब्रमण्यम स्वामी, युवा नेता आदित्य ठाकरे, डीएमके अध्यक्ष एमके मलिन ने पहले ही परीक्षा करवाने के खिलाफ आवाज़ उठाई है। उनकी मांग है कि परीक्षा को अभी स्थगित ही रहने दिया जाए।

सर्वोच्च न्यायालय ने परीक्षा आयोजित करने के पक्ष में अभी तक फैसला नहीं सुनाया है। न्यायालय ने कहा है कि परीक्षाएँ कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जाएँगी। परीक्षाएँ सितंबर में होनी हैं।

दिलचस्प बात यह है कि थनबर्ग ने ट्विटर पर हैशटैग के साथ अपनी प्रतिक्रिया पोस्ट की। उन्होंने लिखा कि मैं उनके साथ हूँ और उनका समर्थ करती हूँ, जो कोविड-19 के दौर में जेईई-नीट परीक्षा स्थगित करने की मांग कर रहे हैं।