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कोविशील्ड की दो खुराक के बीच समय बढ़ाने पर केंद्र का विचार, अगले हफ्ते निर्णय संभव

कोविशील्ड वैक्सीन की दो खुराक के बीच के अंतर को करीब 12 सप्ताह तक बढ़ाने की उम्मीद है। केंद्र सरकार के एक विशेषज्ञ पैनल द्वारा अगले सप्ताह इस संबंध में निर्णय लेने की संभावना है।

न्यूज़-18 की एक रिपोर्ट में शीर्ष सरकारी सूत्रों का हवाला देते हुए बताया गया कि विशेषज्ञ पैनल उन अंतर-राष्ट्रीय अध्ययनों के साक्ष्यों की समीक्षा कर रहा है, जो सुझाव देते हैं कि ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका कोविड वैक्सीन, जिसे भारत का सीरम इंस्टीट्यूट कोविशील्ड के नाम से बना बना रहा है, अगर उसकी पहली और दूसरी खुराक के बीच का अंतराल लंबा हो तो इसका असर बढ़ जाता है।

इससे पूर्व, अप्रैल में कोविशील्ड की दो खुराक के बीच अनुशासित अंतराल को चार-छह सप्ताह से छह-आठ सप्ताह के अंतराल तक बढ़ाया गया था।

मार्च में मेडिकल जर्नल लैंसेट में प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया था कि कोवीशिल्ड 81.3 प्रतिशत तक प्रभावी रहती है, अगर इसकी खुराक 12 सप्ताह के अंतराल पर दी जाती है। इसकी अपेक्षा छह सप्ताह में इसकी प्रभावकारिता 55.1 प्रतिशत ही रहती है।

यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि यूके और कनाडा में टीके की दोनों खुराकों के बीच 12 से 16 सप्ताह तक का अंतराल रखा जा रहा है।

अंतराल बढ़ाने से न केवल टीके की प्रभावकारिता में सुधार करने में मदद मिलेगी, बल्कि भारत में वैक्सीन के लिए आसमान छूती मांग को भी कम किया जा सकेगा। दरअसल, वर्तमान कोविड संक्रमण के मामलों में बड़े पैमाने पर वृद्धि के बीच टीकाकरण को 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों के लिए कर दिया गया है।