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केंद्र ने कॉरपोरेट्स को खाली कार्यालय भवनों को अस्पताल में बदलने के लिए पत्र लिखा

कोविड-19 के मामलों में तेज़ी से बढ़ोतरी देखने के बाद केंद्र सरकार ने शीर्ष 1,000 कॉरपोरेट्स प्रमुखों (बाजार पूंजीकरण द्वारा) से अपील की है कि वे अपने खाली कार्यालय भवनों को अस्थायी रूप से वायरस से संक्रमित मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं के रूप में परिवर्तित करने पर विचार करें।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 के खिलाफ राष्ट्रीय प्रयास में कॉरपोरेट्स के समर्थन की सराहना करते हुए कॉरपोरेट मामलों के सचिव राजेश वर्मा ने देश के शीर्ष 1,000 कॉरपोरेट्स के प्रमुखों को लिखे अपने पत्र में कहा, “दूसरी लहर के लिए अधिक समन्वय और केंद्रित दृष्टिकोण की आवश्यकता है, ताकि लोगों को तत्काल राहत प्रदान की जा सके।”

उन्होंने इस बात पर बल दिया कि वर्क फ्रॉम होम के काम करने के तरीकों को देखते हुए कई कंपनियों के पास अपने कुछ खाली कार्यालय भवन हो सकते हैं।

उन्होंने कहा, “देश के कई हिस्सों में तेज़ी से बढ़ते महामारी के मामलों के बोझ का भार उठाने के लिए आप इन खाली कार्यालय भवनों को अस्थायी कोविड देखभाव सुविधाओं में या पृथक्करण बेड या पृथक्करण व ऑक्सीजन बेड के रूप में बदलने पर विचार कर सकते हैं।”

राजेश वर्मा ने यह भी बताया कि कॉरपोरेट्स द्वारा कोविड देखभाल सुविधाओं और अस्थायी अस्पतालों की स्थापना के लिए किए गए खर्च को सीएसआर गतिविधियों के रूप में माना जाएगा।