समाचार
जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पार होने वाले व्यापार को सरकार ने किया निलंबित

नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर जम्मू-कश्मीर द्वारा दो रास्तों पर हो रहे व्यापर को सरकार ने 19 अप्रैल से निलंबित कर दिया है। सरकार ने इन्हें पाकिस्तानी संगठनों द्वारा गलत इस्तेमाल किए जाने की वजह से बंद करने का आदेश दिया है।

गृह मंत्रालय ने बताया है कि सलमाबाद और चक्कन दा बाघ के रास्ते से होने वाले व्यापार को सरकार ने रोक दिया है। बताया जा रहा है कि एलओसी के दूसरी तरफ होने वाले व्यापार में हथियार, नशीले पदार्थ और नकली नोटों की हेर-फेर किया करते थे।

एलओसी के उस पार व्यापर करने का उद्देश्य स्थानीय लोगों तक साझा इस्तेमाल की चीज़ों को पहुंचाने के लिए 2008 में शुरू किया गया था। टाइम्स ऑफ़ इंडिया  की खबर के अनुसार घाटी के श्रीनगर-मुजफराबाद रस्ते और जम्मू के रावलकोट-पुंछ के रास्ते पर होने वाले व्यापर में 600 से ज़्यादा पंजीकृत व्यापारी हैं जो जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के इलाके में सामान का व्यापार करते हैं। दोनों रास्तों पर आयत एवं निर्यात सामानों की सूची में 21 सामानों को मंज़ूरी दी गई है।

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि व्यापार के तरीके को बदल दिया गया है और अवैध वस्तुओं के व्यापार के लिए इसे इस्तेमाल किया जा रहा है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने यह पता लगाया है कि नियंत्रण रेखा पर हो रहे अवैध सामान के व्यापार में पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन शामिल हैं।

रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि सीमा को पार कर पाकिस्तान में जा कर आतंकी संगठनों में शामिल होने वाले लोगों ने पाकिस्तान में व्यापार का काम शुरू कर दिया है जिन्हें आतंकवादी संगठनों द्वारा चलाया जा रहा है। फ़रवरी में हुए पुलवामा हमले के बाद केंद्र ने पाकिस्तान के साथ व्यापार को बंद कर दिया था।