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5जी स्पेक्ट्रम तीन कंपनियों को परीक्षण व उपयोगिता विकसित करने के लिए आवंटित

पूरे भारत में 5जी सेवाएँ शुरू करने की तरफ कदम बढ़ाते हुए केंद्र सरकार ने रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया (वी) को कई बैंडों में 5जी परीक्षण स्पेक्ट्रम आवंटित किए हैं।

द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इन कंपनियों को 700 मेगाहर्ट्ज़, 3.5 गीगाहर्ट्ज़ व 26 गीगाहर्ट्ज़ बैंड के तहत आवंटित स्पेक्ट्रम का उपयोग उनके गैर चीनी नेटवर्क प्रदाताओं जैसे एरिक्सन व नोकिया वगैरह के साथ परीक्षण करने और भारत केंद्रित उपयोग के मामलों को विकसित करना होगा।

दूरसंचार विभाग (डॉट) के वायरलेस प्लानिंग एंड कोऑर्डिनेशन (डब्ल्यूपीसी) विंग ने कुल छह महीने की अवधि के लिए प्रायोगिक 5जी वायु तरंगों की कुल 100, 800 और 10 यूनिट क्रमशः 3.5 गीगाहर्ट्ज़, 26 गीगाहर्ट्ज़ और 700 मेगाहर्ट्ज़ स्पेक्ट्रम बैंड में आवंटित की हैं।

यह गौर किया जाना चाहिए कि पहली बार है कि डॉट ने आधिकारिक तौर पर प्रतिष्ठित 26 गीगाहर्ट्ज़ मिलीमीटर वेव बैंड आवंटित किया है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि दूरसंचार कंपनियों ने 5जी व्यवसाय मामले को मजबूत करने के लिए उक्त बैंड की गंभीरता को रेखाँकित किया है।

इस पर भी गौर करना चाहिए कि डॉट ने पूर्व में कहा था कि दूरसंचार कंपनियों को भी 5जी परीक्षण करने के लिए 800 मेगाहर्ट्ज़, 900 मेगाहर्ट्ज़, 1800 मेगाहर्ट्ज़ और 2500 मेगाहर्ट्ज़ बैंड में अपनी वायु तरंगों का उपयोग करने की अनुमति होगी।