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ग्रामीण स्थानीय निकायों को 13,385.70 करोड़ की सहायता अनुदान राशि केंद्र ने जारी की

केंद्र सरकार ने सोमवार (30 अगस्त) को ग्रामीण स्थानीय निकायों को अनुदान प्रदान करने के लिए 25 राज्यों को 13,385.70 करोड़ रुपये की राशि जारी की।

वित्त मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार, यह सहायता अनुदान वर्ष 2021-22 के बंधे हुए अनुदान की पहली किश्त है। यह अनुदान 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार जारी किया गया।

ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) को दो महत्वपूर्ण सेवाओं में सुधार के लिए बंधा हुआ अनुदान जारी किया जाता है। पहला स्वच्छता एवं खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) स्थिति के रख-रखाव के लिए और दूसरा पेयजल की आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और जल पुनर्चक्रण हेतु।

पंचायती राज संस्थाओं के लिए आवंटित कुल सहायता अनुदान में से 60 प्रतिशत बंधा हुआ अनुदान है। इसे पेयजल आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और स्वच्छता जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के लिए निर्धारित किया गया है।

विज्ञप्ति में कहा गया कि शेष 40 प्रतिशत खुला हुआ अनुदान है और वेतन के भुगतान को छोड़कर विशिष्ट आवश्यकताओं के लिए पंचायती राज संस्थानों के विवेक पर उपयोग किया जाना है।

बंधा हुआ अनुदान केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत स्वच्छता एवं पेयजल के लिए केंद्र व राज्य द्वारा आवंटित धन के अतिरिक्त ग्राण स्थानीय निकायों को अतिरिक्त धन की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए है।

राज्यों को केंद्र सरकार से प्राप्त होने के 10 कार्य दिवसों के भीतर ग्रामीण स्थानीय निकायों को अनुदान हस्तांतरित करना आवश्यक है। इससे अधिक की देरी के लिए राज्य सरकारों को ब्याज सहित अनुदान जारी करने की आवश्यकता होती है।