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स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को लाभान्वित करने के लिए केंद्र और ज़ोमैटो के बीच हुआ एमओयू

प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर की आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के एक भाग के रूप में शहरी आवास मामलों के मंत्रालय (एमओएचयूए) ने अपने फूड-टेक मंच पर स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए ज़ोमैटो के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में गुरुवार (4 फरवरी) को कहा गया कि इस पहल से स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को सहस्रों उपभोक्ताओं तक ऑनलाइन पहुँच के साथ अपने व्यवसाय को बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

विज्ञप्ति में कहा गया कि कोविड-19 महामारी ने उपभोक्ताओं को बाहर निकलने से रोक दिया और उन्हें सामाजिक दूरी के मानदंडों का पालन करने के लिए मजबूर किया है। ऐसे में स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को अपने व्यवसाय को बढ़ाने में मदद करने के लिए प्रौद्योगिकी सक्षम मंचों से जोड़ना महत्वपूर्ण है। इससे उन्हें आर्थिक रूप से लाभान्वित करने में मदद मिलेगी।

एमओयू के तहत शुरू में मंत्रालय और ज़ोमैटो भोपाल, लुधियाना, नागपुर, पटना, रायपुर, वडोदरा जैसे छह शहरों में 300 विक्रेताओं को प्रशिक्षित करके एक कार्यक्रम चलाएँगे।

इन स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को पैन कार्ड बनवाने से लेकर एफएसएसएआई रजिस्ट्रेशन, खाने की कीमत का निर्धारण, प्रौद्योगिकी की सीख/पार्टनर ऐप का उपयोग, साफ-सफाई से संबंधित बातें, खाने की पैकिंग करना इत्यादि कई चीजें सिखाई जाएँगी।

शुरुआती चरण की सफलता के बाद मंत्रालय और ज़ोमैटो ने पूरे देश में इस पहल का विस्तार करने की योजना बनाई है। शहरी आवास मामलों के मंत्रालय ने पहले 5 अक्टूबर 2020 को स्विगी के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे।

विज्ञप्ति में कहा गया कि मंत्रालय ने नगर निगमों, एफएसएसएआई, ज़ोमैटो और जीएसटी अधिकारियों सहित प्रमुख हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित किया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को इस पहल के लिए आवश्यक शर्तें पूरी करने में सुविधा मिले।