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4,000 मेगावॉट बैटरी भंडारण क्षमता के विकास के लिए जल्द निविदाएँ की जाएँगी जारी

बैटरी भंडारण के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बड़ा कदम बढ़ाते हुए केंद्रीय विद्युत और नवीन एवं अक्षय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार जल्द ही 4,000 मेगावॉट घंटे (एमडब्ल्यूएच) की बैटरी भंडारण क्षमता के विकास के लिए निविदाएँ जारी करेगी।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, आरके सिंह ने कहा, “हम सहायक के रूप में 4,000 मेगावॉट भंडारण के लिए बोलियाँ लाने की इच्छा रखते हैं। इसी वजह से चार आरएलडीसी (रीजनल लोड डिस्पैच सेंटर) में हमारे पास 1000 मेगावॉट भंडारण (प्रत्येक में) होगा, जो अक्षय ऊर्जा के कारण जहाँ और जब भी कोई तेज़ उतार-चढ़ाव होगा, तत्काल हस्तक्षेप तंत्र के रूप में कार्य करेगा।”

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के आत्मानिर्भर भारत सम्मेलन में अक्षय ऊर्जा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता पर कहा, “भंडारण क्षमता का हिस्सा ग्रिड नियंत्रक के सहायक के रूप में काम करेगा और यह हिस्सा उत्पत्ति करने वाले को व्यावसायिक आधार पर उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।”

मंत्री ने यह भी कहा कि इसके परिणामस्वरूप, डिस्कॉम या उद्योग दोपहर या जब भी हवा तेज़ चलती है तो वे भंडारण प्रणालियों में ऊर्जा को संचित करके रख लेंगे और व्यस्ततम घंटों में इससे आपूर्ति कर सकेंगे।