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केंद्र सरकार ने वार्षिक बजट खर्च का 35 प्रतिशत ग्रामीण रोजगार के लिए जारी किया

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष के पहले 40 दिनों के अंदर वार्षिक बजट खर्च का 35 प्रतिशत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (एमजी-एनआरईजीएस) के लिए जारी किया है।

फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक कुल 21,753 करोड़ रुपये में से औसत दैनिक धनराशि के मुताबिक 544 करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि दी जा चुकी है। 2019-20 में 190 करोड़ रुपये और 2018-19 में 170 करोड़ रुपये की तुलना में यह राशि दैनिक रूप से बड़े पैमाने पर जारी की गई है।

इस योजना के तहत धनराशि तेजी से जारी की गई क्योंकि लॉकडाउन के दौरान आर्थिक गतिविधियाँ बुरी तरह प्रभावित हुईं। इसकी वजह से प्रवासी श्रमिकों और ग्रामीण आबादी के संकट को कम करने के लिए केंद्र सरकार मजबूती से आगे आई।

हालाँकि, यह भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है कि केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को जारी की गई निधि में से कितने श्रमिकों को इसका लाभ मिला है। साथ ही 2019-20 में योजना के तहत प्रदान किए गए औसत 48.39 दिनों के काम के मुकाबले अब तक केवल 11.72 दिनों का काम ग्रामीणों को दिया गया है।

यह भी गौर किया जाना चाहिए कि सरकार ने 2019-20 में योजना के तहत प्रति व्यक्ति दैनिक मजदूरी 189 रुपये से बढ़ाकर 204 रुपये कर दी है, जिससे वेतन में वृद्धि हुई है।