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स्वदेशी हथियारों व विमानों को सेना में शामिल कर केंद्र आत्मनिर्भर भारत को देगा बढ़ावा

केंद्र सरकार ने बुधवार (24 मार्च) को कहा कि वह स्वदेशी रूप से विकसित लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टरों (एलसीएच) और लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टरों (एलयूएच) को सशस्त्र बलों में शामिल करके आत्मनिर्भर भारत योजना को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

रक्षा राज्यमंत्री (एमओएस) श्रीपद नाइक ने भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या द्वारा पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, “नए विमानों, हथियारों आदि को सशस्त्र बलों में शामिल करना एक सतत प्रक्रिया है। फरवरी 2021 तक सरकार ने रक्षा क्षेत्र में विभिन्न वस्तुओं के विनिर्माण के लिए 523 औद्योगिक लाइसेंस जारी किए हैं।”

मंत्री ने सशस्त्र बलों में विमानों और हथियारों को हाल ही में शामिल किए जाने के बारे में भी जानकारी दी। इसके अनुसार, भारतीय सेना ने चीतल हेलीकॉप्टर, एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच), 20 मिमी टरट गन एएलएच (डब्ल्यूएसआई) मंच के साथ एकीकृत और 70 मिमी टरट गन को एएलएच (डब्ल्यूएसआई) मंच के साथ एकीकृत करके शामिल किया है।

भारतीय नौसेना ने हाल ही में डोर्नियर 228 विमान, एएलएच मार्क-3, चेतक हेलीकॉप्टर और पी-8आई विमान शामिल किए हैं। इस बीच, भारतीय वायु सेना ने राफेल, लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए), सी-17 और सी-130 परिवहन विमान, और चिनूक और अपाचे हेलीकॉप्टर को शामिल किया।