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मोदी सरकार की श्रम योगी मानधन पेंशन योजना से 5 महीने में करीब 31 लाख लोग जुड़े

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की असंगठित क्षेत्रों के कामगारों के पेंशन के लिए 5 महीने से भी कम समय पहले शुरू की गई प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (पीएमएसवाईएम) योजना में अब तक करीब 31 लाख लोग शामिल हो चुके हैं।

15 फरवरी को शुरू की गई इस योजना की घोषणा अंतरिम बजट में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने की थी। यह योजना जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के माध्यम से कार्यान्वित की जाती है, जिसमें 10 जुलाई तक 30.85 लाख लोगों ने इससे खुद को जोड़ा है।

यह योजना असंगठित क्षेत्र के बड़े वर्ग के कामगारों को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई थी, जिनके पास काम करने की उम्र गुजरने के बाद आजीविका का साधन नहीं है। यह योजना उन श्रमिकों के लिए खुली है जो प्रति माह 15,000 रुपये से कम कमाते हैं और एनपीएस जैसी अन्य पेंशन योजनाओं में नहीं आते हैं।

इस योजना में 18 से 40 साल तक के कामगार शामिल हो सकते हैं। योजना से जुड़ने वाले लोगों को 60 वर्ष की आयु के बाद 3000 रुपये की पेंशन की गारंटी मिलती है।

इसके तहत व्यक्ति को एक निर्धारित मासिक योगदान राशि का भुगतान करना होता है, जिसमें केंद्र सरकार भी अपना योगदान देती है। योजना के व्यक्ति का योगदान उसकी आयु के हिसाब से निर्भर करता है। आयु के आधार पर योगदान 100 रुपये प्रति माह से कम हो सकता है।

इस योजना के लिए लाभार्थियों की सबसे अधिक संख्या 6 लाख हरियाणा से है, जो पहले रिलीज के अनुसार महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के बाद आता है।