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बढ़ते सायबर और वित्तीय अपराधों के बीच सीबीआई को जाँच के लिए मिली सीटीवी की भेंट

केंद्र ने जटिल वित्तीय अपराधों से निपटने में एजेंसी की मदद करने के उद्देश्य से केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) में एक केंद्रीकृत प्रौद्योगिकी वर्टिकल (सीटीवी) स्थापित करने का निर्णय लिया है।

इंडिया टीवी  की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय जाँच ब्‍यूरो (सीबीआई) द्वारा आज (6 सितंबर को) नई दिल्‍ली में सायबर अपराध, जाँच और न्‍यायिक विज्ञान पर आयोजित प्रथम राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन में केंद्रीय कार्मिक मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि सीबीआई को पिछले वर्षों में अत्‍यधिक विश्‍वसनीयता मिली है और यह अपराधों की जाँच के लिए एक मानक बन गया है।

सिंह ने घोषणा करते हुए सीबीआई में 99 करोड़ रुपये की लागत से एक केंद्रीकृत प्रौद्योगिकी वर्टिकल स्‍थापित करने की बात कही, जो अगले वर्ष से काम करने लगेगा। उन्‍होंने कहा कि जाँचकर्ताओं के फायदे के लिए तत्‍काल विवरण प्राप्‍त करने में इससे मदद मिलेगी।

उन्‍होंने कहा कि सायबर अपराध से निपटने का काम केवल सीबीआई पर नहीं छोड़ा जा सकता। उन्‍होंने गैर-सरकारी संगठनों और कार्यकर्ताओं की भूमिका पर ज़ोर देते हुए कहा कि वे लोगों की सोच में बदलाव लाकर, साइबर अपराध को रोकने के लिए आगे आएँ।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत अभी भी एक राष्‍ट्र के रूप में विकसित हो रहा है और सीबीआई जैसे संगठनों ने भारतीय लोकतंत्र के प्रति विश्‍वसनीयता बढ़ाने में मदद की है। उन्‍होंने कहा कि समाज के विकास के साथ अपराध की प्रकृति में भी बदलाव आता है, जिससे जाँच एजेंसियों के लिए अपनी तकनीकों को विकसित करना अनिवार्य हो जाता है। उन्‍होंने कहा कि पिछले वर्षों में अपराध के पूरे परिदृश्य में बदलाव आया है।