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फ़ेक न्यूज़ पर लगाम लगाने के लिए सरकार वॉट्सैप में चाहती है डिजिटल फिंगरप्रिंट

वॉट्सैप द्वारा मिथ्या समाचार (फ़ेक न्यूज़) को रोकने के लिए सरकार ने निवेदन किया है कि वॉट्सैप संदेशों का डिजिटल फिंगरप्रिंट रखा जाए। वॉट्सैप वर्तमान में एंड टू एंड एनक्रिप्शन का पालन करता है जिससे कोई भी तीसरा व्यक्ति वॉट्सैप के संदेश को नहीं पढ़ सकता है, इससे सरकार को परेशानी उठानी पड़ती है।

हालाँकि डिजिटल फिंगरप्रिंट का अर्थ यह नहीं हुआ कि कोई तीसरा व्यक्ति उसे पढ़ पाएगा लेकिन इससे किसी मैसेज को ट्रेस कर उसके मूल प्रेषक, कितने लोगों तक यह पहुँचा, किसने फोरवार्ड किया, आदि जानकारी मिल पाएगी। एंड टू एंड एनक्रिप्शन बरकरार रहेगा लेकिन इस नियम के चलते अपना पूर्ण सामर्थ्य खो देगा।

हालाँकि भारत ऐसा देश नहीं है जिसने पहली बार ऐसी माँग की है। ऑस्ट्रेलिया का नया कानून पुलिस को एनक्रिप्शन के पार जाने देता है, वहीं सिंगापुर में पुलिस निजी सामूहिक चैट पढ़ सकती है। भारत सरकार ने यह भी कहा है कि पुलिस के अलावा किसी की पहुँच इन संदेशों तक नहीं होगी, गैजेट्स नाऊ  ने रिपोर्ट किया।

वहीं दूसरी ओर वॉट्सैप की बात करें तो फ़ेसबुक डिजिटल फिंगरप्रिंट डालने के लिए ऐप की पूरी संरचना बदलनी होगी। साथ रही हर मैसेज का डिजिटल फिंगरप्रिंट बनाना एक बहुत ही कठिन कार्य है।