समाचार
एयरपोर्ट कर्मियों के विरोध के बावजूद लखनऊ समेत छह हवाई अड्डों का होगा निजीकरण

एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के कर्मचारियों के कड़े विरोध के बावजूद केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि देश में 6 हवाई अड्डों का निजीकरण किया जाएगा।

ज़ी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, राज्यसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी ने कहा, “निजी कंपनियों को देश के छह हवाई अड्डों का प्रबंधन करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इसके लिए लखनऊ, अहमदाबाद, जयपुर, मंगलुरु, तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी के हवाई अड्डों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के माध्यम से संचालन, प्रबंधन और विकास के लिए चुना गया।”

नागरिक उड्डयन मंत्री ने एएआई कर्मचारियों की चिंता पर सफाई देते हुए कहा, “इससे एएआई और हवाई यात्रियों को फायदा होगा।” उन्होंने दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट का उदाहरण पेश किया, जिनका 2006 में निजीकरण हुआ था।

पिछले हफ्ते एएआई कर्मचारी मंच ने नागरिक उड्डयन मंत्री को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने देशभर के छह लाभकारी हवाई अड्डों के प्रस्तावित निजीकरण के खिलाफ विरोध दर्ज कराया था। पत्र में एएआई कर्मचारियों ने कहा था, “निजीकरण ने एकाधिकार संचालन, कर्मचारियों के शोषण और आम जनता पर अतिरिक्त बोझ को बढ़ावा दिया है।”