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भीम 2.0 की नई सुविधाओं के साथ शुरुआत, लेन-देने की सीमा और भाषाएँ बढ़ीं

भारत में डिजिटल और कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने सोमवार को भीम 2.0 यूनिवर्सल पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) की शुरुआत की।

लाइवमिंट की रिपोर्ट के अनुसार, 2016 में भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने भीम ऐप को विकसित किया था। भीम 2.0 में अतिरिक्त भाषाओं के साथ लेन-देन सीमा बढ़ाने समेत अन्य सुविधाएँ दी गई हैं।

भीम का नया संस्करण तीन अतिरिक्त भाषाओं कोंकणी, भोजपुरी और हरियाणवी का भी समर्थन करता है। इसमें मौजूदा भाषाएँ 13 से अधिक हैं। एप्लीकेशन के नए वर्जन में प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) में निवेश और आवेदन करने, पैसे जमा करने, अन्य बैंक खातों को जोड़ने, पैसे गिफ्ट करना आदि के विकल्प भी शामिल किए गए हैं।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से आयोजित एक स्टार्टअप शिखर सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस अत्याधुनिक भुगतान प्रणाली का शुभारंभ किया। उन्होंने राष्ट्र की बढ़ती स्टार्टअप अर्थव्यवस्था के समर्थन और उसे जोड़ने के लिए एक स्टार्टअप हब पोर्टल भी शुरू किया।