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रक्षा मंत्रालय ने छह पनडुब्बियों के निर्माण के लिए परियोजना 75आई को दी हरी झंडी

भारत में नई पारंपरिक पनडुब्बियों के निर्माण का रास्ता साफ करते हुए रक्षा मंत्रालय ने परियोजना 75आई को अपनी मंजूरी दे दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार (4 जून) को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया।

भारतीय नौसेना अब शिपबिल्डर्स को प्रस्ताव के लिए अनुरोध जारी करेगी। देश के स्वामित्व वाली मझगाँव डॉक्स लिमिटेड और निजी क्षेत्र की रक्षा प्रमुख लार्सन एंड ट्रूबो को परियोजना के लिए भारतीय रणनीतिक साझेदार के रूप में चयनित किया गया है।

योग्यता प्राप्त विदेशी उपकरण निर्माताओं में फ्रांस का नेवल ग्रुप, रूस का रूबिन डिज़ाइन ब्यूरो, जर्मन का थिसेनक्रुप, स्पेन की नवन्तिआ और दक्षिण कोरिया का दाएऊ शिपबिल्डिंग एंड मरीन इंजीनियरिंग या डीएसएमई शामिल हैं।

परियोजना 75आई के तहत एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन या एपीआई से लैस करीब छह डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों का भारत में निर्माण किया जाना है। प्रोजेक्ट 75I के तहत निर्मित नावों में भी उच्च स्तर की स्वदेशी सामग्री होगी।