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गूगल क्रोम अब धीमी चलने वाली वेबसाइटों की पहचान के साथ उन्हें चिह्नित भी करेगा

गूगल ने उन वेबसाइटों को चिह्नित करने की योजना की घोषणा की है, जो आमतौर पर क्रोम पर स्पष्ट बैजिंग के जरिए धीरे-धीरे चलती हैं।

हिंदुस्तान टाइम्स  की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को गूगल क्रोम की टीम ने एक ब्लॉग पोस्ट के जरिए बताया, “बैजिंग की पहचान का उद्देश्य यह है कि साइटों को इस तरह बनाया जाता है, जो आमतौर पर धीमी हो जाती हैं। हम यह पहचानने के लिए भी इसका विस्तार कर सकते हैं कि किसी उपयोगकर्ता के डिवाइस और नेटवर्क स्थितियों के आधार पर पृष्ठ धीमा होने की संभावना तो नहीं है।”

कंपनी कॉन्टेक्ट मेन्यू पर भी विचार कर रही है। इसमें उपयोगकर्ता को वेबसाइट पर जाने से पहले गूगल को धीमी गति से चलने वाली वेबसाइट का लिंक देना होगा। कंपनी ने कहा, “हमारी शुरुआत जाँच में क्रोम की कई सतहों को देखा जाएगा, जिसमें लिंक के लिए लोडिंग स्क्रीन (स्प्लैश स्क्रीन), लोडिंग प्रोग्रेस वार और कॉन्टेक्स्ट मेन्यू होंगे।”

धीमी गति से चलने वाली साइटों की पहचान की योजना तेजी से क्रमबद्ध तरीके से होगी। कंपनी का दीर्घकालिक लक्ष्य उच्च गुणवत्ता वाले अनुभवों के लिए बैजिंग को परिभाषित करना है, जिसमें केवल गति से चलने वाले सिग्नल्स शामिल हो सकते हैं।

गूगल ने कुछ टूल पेजस्पीड इनसाइट्स और लाइटहाउस के बारे में भी बताया है, जो कि एक वेबसाइट के प्रदर्शन का मूल्याँकन करने और मालिकों को अपनी साइटों को सुधारने के लिए इंतजार न करने को प्रोत्साहित करता है।