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तृणमूल, सीपीआई, एनसीपी ने चुनाव आयोग से राष्ट्रीय पार्टी के दर्जे के लिए मांगा मौका

भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के नोटिस का जवाब देते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने सोमवार को उनका राष्ट्रीय दल का दर्जा बरकरार रखने का अनुरोध किया।

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) सुनील अरोड़ा सहित आयोग के अधिकारियों के साथ बैठक में तीनों दलों के प्रतिनिधियों ने इस साल झारखंड, महाराष्ट्र और हरियाणा और जनवरी 2020 में दिल्ली में आगामी राज्य विधानसभा चुनावों में अपने प्रदर्शन को सुधारने की बात कही है।

2016 में आयोग द्वारा संशोधित नियमों के बारे में उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “हर 10 साल में राजनीतिक दलों की राष्ट्रीय और राज्य पार्टी की स्थिति की समीक्षा के लिए 5 साल पहले की तुलना ज़रूरी है। दरअसल, चुनाव आयोग ने 2019 के आम चुनावों में इन दलों के प्रदर्शन का हवाला देते हुए उन्हें नोटिस जारी किया था। इसमें स्पष्टीकरण मांगा था कि क्यों न उनकी राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा समाप्त कर दिया जाए?

सीपीआई के डी राजा, टीएमसी के कल्याण बनर्जी और एनसीपी के माजिद मेमन ने अपने दलों का प्रतिनिधित्व करते हुए विभिन्न आधारों पर अपना बचाव किया। टीएमसी ने कहा, “इसे केवल 2016 में दर्जा दिया गया था और पिछले चुनावों के आधार पर इसकी समीक्षा नहीं की जा सकती है।” मेमन ने दावा किया, “उनकी पार्टी में वापसी करने की क्षमता थी। पिछले चार-पाँच वर्षों के आधार पर मूल्याँकन नहीं किया जाना चाहिए।”

सीपीआई ने पार्टी के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी भूमिका को याद दिलाते हुए आयोग के सामने अपना पक्ष रखा। राजनीतिक दलों के अनुरोध को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने फिर से विचार-विमर्श और अंतिम निर्णय तक आँकड़ों को बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की है।