समाचार
जेनेवा- जम्मू-कश्मीर और पीओके प्रतिनिधियों ने अनुच्छेद 370 हटाने की प्रशंसा की

जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) से आए यूरोपीय सांसदों, कार्यकर्ताओं और पत्रकारों ने सोमवार (2 मार्च) को जेनेवा में संविधान के अनुच्छेद 370 को रद्द करने के भारत के फैसले की सराहना की।

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रशंसा स्विट्जरलैंड के जेनेवा में “जम्मू और कश्मीर: कल्पना से तथ्यों को स्थानांतरित करना” विषय पर आयोजित एक चर्चा के दौरान की गई। यह चर्चा संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के 43वें सत्र से इतर हुई थी।

कश्मीर घाटी की एक महिला कार्यकर्ता सैयद तहमीना ने कश्मीरी महिलाओं के लिए अनुच्छेद 370 को हटाने के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा, “एक कश्मीरी लड़की जो कश्मीर से बाहर शादी करेगी, वो अब अपने संपत्ति के अधिकारों को नहीं खोएगी। पहले एक कश्मीरी महिला, जिसने बाहर शादी की थी, उसका और उसके बच्चों का अपने यहाँ की संपत्ति से अधिकार छिन जाता था। अब वे भी भूमि और घर खरीद सकते हैं, जो उनका अधिकार है।”

प्रधानमंत्री इमरान खान नियाजी के नेतृत्व वााले इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान को और भी ज्यादा झूठा बताते हुए तहमीना ने कहा कि भारत के पड़ोसी को कश्मीर मुद्दे में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें बल्कि अपने यहाँ के कानून और सरकारी प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए काम करना चाहिए।