समाचार
“चीनी सैनिकों को पहाड़ी क्षेत्रों के लिए बेहतर प्रशिक्षण की आवश्यकता”- बिपिन रावत

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने कहा कि चीन ने महसूस किया कि उसके सैनिकों को वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ पहाड़ी क्षेत्रों में तैनात करने के लिए बेहतर प्रशिक्षण की आवश्यकता है। इसके लिए पीपल्स लिब्रेशन आर्मी ने प्रयास तेज़ करते हुए सेना में तिब्बतियों की भर्ती शुरू कर दी।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, जनरल बिपिन रावत ने कहा, “भारत के साथ सीमा पर चीनी तैनाती में परिवर्तन आया है। खासकर, गत वर्ष गलवान और अन्य क्षेत्रों में हुई घटनाओं के बाद।”

उन्होंने कहा, “चीनी सैनिक मुख्य रूप से नागरिक श्रेणी से आते हैं। उन्हें छोटी अवधि के लिए भर्ती किया जाता है। उन्हें इस तरह के क्षेत्रों में लड़ने और काम करने का अधिक अनुभव नहीं है।”

खुफिया रिपोर्टों के बीच टिप्पणियाँ आई हैं कि तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में यातुंग काउंटी के तहत पीएलए ने सिक्किम के सामने चुंबी घाटी में सेना का एक नया समूह खड़ा किया है। एक अधिकारी ने कहा, “रिपोर्टों में कहा गया कि इनमें से एक सेना को मिमांग चेटन (एमसी) के नाम से जाना जाता है। इसका तिब्बती भाषा में अर्थ है जनता के लिए और इसमें स्थानीय तिब्बती युवा सम्मिलित हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “एमसी को पीएलए द्वारा प्रशिक्षित किया जाता है। यह जानकारी मिली है कि एक बैच में करीब 100 युवाओं के साथ एमसी के करीब दो बैच पहले ही प्रशिक्षित हो चुके हैं। उनमें से कुछ वर्तमान में चुंबी घाटी के विभिन्न स्थानों जैसे युतुंग, चीमा, रिनचेंगंग, पीबी थांग और फारी में तैनात हैं।”