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सरकारी ई-मार्केटप्लेस पर लेन-देन चार गुना वृद्धि के साथ 23000 करोड़ रुपये के पार

वाणिज्य मंत्रालय के ऑनलाइन मार्केटप्लेस गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) ने 2018-19 में 23,000 करोड़ रुपये को पार करते हुए सकल माल मूल्य (जीएमवी) के साथ एक ही वर्ष में लेनदेन में चार गुना वृद्धि दर्ज की है।

इस साल पोर्टल पर लेन-देन के कुल मूल्य में चार गुना वृद्धि देखी गई है। साथ ही बाजार में विक्रेताओं की संख्या भी दोगुनी हो गई। सरकार ने एक विज्ञप्ति जारी कर बताया, “सभी आयामों जैसे वर्गों, उत्पादों और खरीदारों की संख्या में समग्र वृद्धि हुई है।”

विज्ञप्ति में बताया गया, “लेन-देन में वृद्धि के बावजूद आपूर्ति की औसत अस्वीकृत दर एक प्रतिशत से नीचे रही, जो ई-मार्केटप्लेस पोर्टल पर पेश किए गए उत्पादों और सेवाओं की उच्च गुणवत्ता का प्रमाण है”।

एनडीए सरकार ने जेम की शुरुआत 2016 में की थी। इसका उद्देश्य सरकारी विभागों, मंत्रालयों तथा एजेंसियों को एक मुक्त और पारदर्शी खरीद मंच उपलब्ध कराना था।

इस मंच पर अभी दो लाख विक्रेता आठ लाख से अधिक उत्पादों की पेशकश कर रहे हैं। इन उत्पादों और सेवाओं को 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले 34,000 से अधिक सरकारी संगठनों जैसे केंद्रीय, राज्य सरकारों और सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा खरीदा जाता है।

एक दिलचस्प बात यह है कि एमएसएमई ने वॉल्यूम के हिसाब से सभी लेन-देन का 42 प्रतिशत प्लेटफ़ॉर्म खाते में पंजीकृत किया है। प्लैटफॉर्म पर हुए लेनदेन में 25 प्रतिशत से अधिक की औसत बचत कई गई है।

विश्व बैंक ने अपने ब्लॉग में लिखा था, “बिचौलियों को खत्म करने और भुगतान जल्द करवाने की गारंटी देकर आपूर्तिकर्ताओं के लिए इसने नए विकल्प खोले हैं।”