समाचार
कांग्रेस नेताओं ने अशोक गहलोत पर पार्टी हितों से ऊपर बेटे को रखने का आरोप लगाया

लोकसभा चुनाव में राजस्थान में कांग्रेस की बुरी तरह हार के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की कांग्रेस पार्टी के भीतर तीखी आलोचना हुई।

द हिंदू  की रिपोर्ट के अनुसार, गहलोत के कैबिनेट सहयोगी लालचंद कटारिया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। वहीं, अन्य ने हार के कारणों की विस्तृत समीक्षा की माँग की गई।

राजस्थान में दिसंबर-2018 में बनी कांग्रेस सरकार ने 2019 के आम चुनावों में राज्य की पूरी 25 सीटें गँवा दी थीं। यहाँ तक कि गहलोत के बेटे वैभव गहलोत तक खुद जोधपुर से जीतने में असफल रहे थे। इसके बाद बेटे को पार्टी के हितों से ऊपर रखने पर उनकी कड़ी आलोचना की गई।

लोकसभा चुनावों के परिणाम आने के बाद पार्टी के भीतर उठ रहे सवालों पर गहलोत ने कहा, “ये पार्टी के आंतरिक मामले हैं। इस तरह की खबरें जब मीडिया के सामने आती हैं तो उनके मतलब बदल दिए जाते हैं। राहुल गांधी हमारी पार्टी के अध्यक्ष हैं और उनको पूरा अधिकार है कि वह नेताओं की कमियों को इंगित कर सकें।”