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स्वच्छ भारत से कम हुआ जल और खाद्य प्रदूषण, यूनिसेफ के साथ एक और रिपोर्ट जारी
स्वच्छ भारत मिशन आगरा

बुधवार (5 जून) को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जल शक्ति केंद्रीय मंत्री गेंद्र सिंह शेखावत ने दो अध्ययन रिपोर्टों को साझा करते हुए स्वच्छ भारत मिशन की सराहना की। यूनिसेफ ने स्वच्छ भारत के ग्रामीण मिशन के पर्यावरण पर प्रभाव और बिल व मेलिंदा गेट्स ने इसके प्रसार पर अध्ययन किया।

सचिव परमेश्वरन अईयर ने इस कार्यक्रम में बताया कि ग्रमीण क्षेत्र में 99 प्रतिशत सैनिटेशन पूरा किया जा चुका है और अब वे ठोस व तरल अपशिष्टों के प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

यूनिसेफ के अध्ययन में पाया गया कि खुले में शौच करने पर रोक से भूमिगत जल के दूषित होने की संभवाना 11.25 गुना कम हुई है। जिन स्थानों पर खुले में शौच किया जाता है, वहाँ भूमि प्रदूषण की संभावना 1.13 गुना अधिक, खाद्य पदार्थों के प्रदूषित होने की संभावना 1.48 गुना अधिक व पेयजल  प्रदूषित होने की 2.68 गुना अधिक संभावना होती।

वहीं गेट्स संस्थान के अध्ययन में पाया गया कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत फैलाई गई जागरूकता का प्रभाव 22,000 से 26,000 करोड़ रुपये के समतुल्य है। औसत रूप से एक ग्रामीण का 2,500 से 3,300 जागरूकता संदेशों से सामना हुआ होगा।