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परिवहन मंत्रालय खराब सड़क निर्माण पर एनएचएआई अधिकारियों को भी करेगा दंडित

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय सड़क निर्माण की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए कदम उठाने जा रहा है। इसके अंतर्गत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारी, अभियंता, राजमार्ग मंत्रालय और राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में शामिल अन्य एजेंसियों को काम की गुणवत्ता की जाँच में विफलता पर ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा।

दि इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, निर्माण के दौरान बार-बार अनुपालन करने में विफलता या किसी भी संरचना की क्षति के मामले में अधिकारियों पर बड़ा या छोटा अर्थदंड लगेगा। दरअसल, अभी तक काम की देखरेख करने वाले ठेकेदारों और सलाहकारों या स्वतंत्र अभियंताओं को ही दंड का भागीदार बनना पड़ता है।

परिवहन मंत्रालय की ओर से इस सप्ताह जारी परिपत्र के मुताबिक, 300 करोड़ रुपये से अधिक व्यय वाले काम और 60 मीटर से अधिक की सेतु परियोजनाओं का जहाँ प्रति माह निरीक्षण होना चाहिए। वहीं, अन्य परियोजनाओं का प्रति माह निरीक्षण किया जाना चाहिए।

परिपत्र में आगे कहा गया कि अधिकारियों को सामग्री, मिश्रण और अंतिम उत्पादों की आवश्यक गुणवत्ता विशेषताओं के लिए नमूना प्रयोगशाला और साइट पर परीक्षण करना होगा।

बता दें कि हाल ही में एनएचएआई ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सभी विकास, निर्माण, संचालन और रख-रखाव चरणों में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की मासिक वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए ड्रोन का उपयोग अनिवार्य किया है।