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आयकर विभाग ने गत वित्तीय वर्ष में 11.5 लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष कर वसूला

2018-19 का वित्तीय वर्ष पूरा हो चुका है। आयकर विभाग ने वित्तीय वर्ष खत्म होने तक प्रत्यक्ष कर के रूप में 11.5 लाख करोड़ रुपये वसूल लिए हैं। हालाँकि, तय किए गए 12 लाख करोड़ रुपये के संशोधित लक्ष्य से यह 50,000 करोड़ रुपये कम है।

बिजनेस स्टैंडर्ड  के अनुसार, अधिकारी 24 घंटे काम कर रहे हैं और वसूली के आंकड़े ऊपर जाने की उम्मीद है। ऐसा इसलिए क्योंकि 1 अप्रैल की आधी रात तक रिटर्न दाखिल किए जाएँगे। आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले सप्ताह तक संग्रह के आंकड़े इतने अच्छे न होकर 10.29 लाख करोड़ रुपये थे। इस तरह सरकार को पांच दिन में करीब 1.2 लाख करोड़ रुपये प्राप्त हुए।

1 फरवरी 2019 को आए अंतरिम बजट में चालू वित्त वर्ष के लिए प्रत्यक्ष कर संग्रह के लिए 12 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य संशोधित किया गया था। हालाँकि, यह पहले के अनुमान से 50,000 करोड़ रुपये अधिक है। आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्रा ने पहले ही कहा था कि प्रत्यक्ष करों पर हम पूरी तरह से आश्वस्त हैं लेकिन अप्रत्यक्ष कर के मोर्चे पर कुछ कमी आ सकती है।

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार में प्रत्यक्ष कर संग्रह में बढ़ोतरी हुई है। अंतरिम बजट के दौरान वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि भारत का कर आधार, जो करदाताओं की कुल संख्या को दिखाता है, पिछले कुछ साल में 3.79 करोड़ से बढ़कर 6.85 करोड़ से अधिक हो गया है। पिछले वित्तीय वर्ष 2018 में भारत का कर से जीडीपी अनुपात 5.98 प्रतिशत था, जो एक दशक में सबसे अच्छा रहा है।