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जेएनयू प्रशासन ने जारी की 2.79 करोड़ रुपये के लंबित मेस बिल बकाया की सूची

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) प्रशासन ने हॉस्टल के छात्रों के लंबित मेस बिल बकाया की एक सूची जारी की है। इसकी राशि 2.79 करोड़ से अधिक है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, जेएनयूएसयू के उपाध्यक्ष साकेत मून ने इस कदम को खारिज कर दिया। उनका कहना है, “यह छात्रों को परेशान करने का एक प्रयास है।”

इंटर-हॉल प्रशासन के सहायक रजिस्ट्रार की ओर से हॉस्टल में रहने वाले छात्रों का लंबित बकाए का विवरण 20 नवंबर को जारी किया गया था। इसके अनुसार, 17 छात्रावासों में जुलाई से अक्टूबर तक का बकाया 2,79,33,874 रुपये तक बढ़ गया है।

छात्रों के डीन उमेश कदम के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है, “हॉस्टल मेस को नो-प्रॉफिट, नो-लॉस पर चलाया जाता है। हम अब 3 करोड़ रुपये के बकाए के करीब हैं तो ऐसे में मेस कैसे चलाई जाए?”

एक अधिकारी के अनुसार, इससे पूर्व छात्रावास के छात्रों द्वारा मेस का बकाया करने पर कमरों को बंद कर दिया गया था लेकिन यह नियम अधिक दिनों तक नहीं चल पाया।

साकेत मून ने फेलोशिप की बकाया राशि में देरी को मेस बिल के भुगतान में देरी के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने दावा किया कि इसका तीन या छह महीनों में एक बार वितरण किया जाता है। जेएनयू के अधिकतर छात्रों को इसी वजह से मेस का भुगतान करने में देरी हो रही है।

उन्होंने कहा, “अगर यूजीसी और जेएनयू प्रशासन यह पक्का करते हैं कि ये समय पर होंगे तो बकाया नहीं रहेगा। जेएनयू प्रशासन की पहल छात्रों की धमकी देने का प्रयास है।”