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फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने शार्ली अब्दो को पैगंबर मोहम्मद के कार्टून प्रकाशन की दी “स्वतंत्रता”

फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रोन ने मंगलवार (1 सितंबर) को कहा कि वह पैगंबर मोहम्मद के कार्टून को पुनः प्रकाशित करने के लिए व्यंग्य पत्रिका शार्ली अब्दो के संपादकीय पर कोई निर्णय पारित करने की स्थिति में नहीं हैं।

यूएस न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, लेबनान की यात्रा के दौरान बोलते हुए मैक्रोन ने कहा, “फ्रांस के नागरिकों के लिए एक-दूसरे के लिए सम्मानजनक होना और घृणा के संवाद से बचना महत्वपूर्ण है लेकिन वह कार्टून को पुनः प्रकाशित करने के लिए पत्रिका की आलोचना नहीं करेंगे।”

फ्रांसीसी राष्ट्रपति की टिप्पणी 2015 में इस्लामिक आतंकवादियों द्वारा शार्ली अब्दो पर किए गए नरसंहार के लक्ष्य के रूप में आई, जिसने हमले में शामिल आरोपियों के मुकदमे की शुरुआत को चिह्नित करने के लिए कार्टून को फिर से प्रकाशित करने का फैसला किया।

मैक्रोन ने कहा, “किसी पत्रकार या न्यूज़ रूम की संपादकीय पसंद पर निर्णय पारित करना राष्ट्रपति के लिए उचित नहीं होता क्योंकि हमारे यहाँ प्रेस की स्वतंत्रता सबसे ऊपर है। फ्रांस में ईशनिंदा की आजादी है, जो अंतरात्मा की स्वतंत्रता से जुड़ा हुआ है। मैं इन सभी स्वतंत्रता की रक्षा के लिए यहाँ हूँ।”

फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने जनवरी 2015 के हमलों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। डीडब्ल्यू की रिपोर्ट के अनुसार, पत्रिका ने पहली बार पैगंबर मोहम्मद के कार्टून प्रकाशित किए तो इससे मुस्लिम जगत में गुस्से की लहर फैल गई थी। मुस्लिमों के लिए पैगंबर का कोई भी चित्रण निन्दात्मक होता है।

2015 के हमले से पहले आतंकवादियों ने इंटरनेट पर चेतावनी दी थी कि पत्रिका कार्टून प्रकाशित करने के लिए भारी कीमत चुकाएगी। इस्लामिक आतंकवादियों द्वारा पत्रिका के कार्यालय पर 2015 में किए गए हमले में 12 लोग मारे गए थे।