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19 या 20 मई को भारत आएँगे चार और राफेल, हाशिमारा दूसरा स्क्वाड्रन बनने को तैयार

भारतीय वायुसेना (आईएएफ) पश्चिम बंगाल के हाशिमारा में दूसरा राफेल स्क्वाड्रन बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। दरअसल, 19 या 20 मई को फ्रांस से चार और राफेल लड़ाकू विमान भारत आ रहे हैं।

इनके आने से भारतीय वायुसेना के पास इन चौथी पीढ़ी से अधिक के लड़ाकू विमानों की संख्या बढ़कर 24 हो जाएगी। वहीं, सात अन्य राफेल विमानों को प्रशिक्षण के लिए फ्रांस में ही रखा जाएगा।

एक एयर मार्शल ने कहा, “हाशिमारा हवाई अड्डे को पूरी तरह से नया रूप दिया गया है और इस महीने के अंत तक इसे चालू कर देना चाहिए। यह विमान के शांति काल की जगह होगी लेकिन युद्ध के समय में योजनाओं के अनुसार देश में कहीं से भी लड़ाकू विमान संचालित होंगे।”

उन्होंने कहा, “राफेल लड़ाकू विमानों का बेड़ा इस क्षेत्र में एक गेम चेंजर है क्योंकि भारत के किसी भी विरोधी के पास दृश्य सीमा से परे जाकर युद्ध छेड़ने की ऐसी क्षमता नहीं है।”

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इसके अतिरिक्त भारत 126 मध्यम बहु-भूमिका वाले लड़ाकू विमानों (एमएमआरसीए) की रुकी हुई आवश्यकता को पूरा करने की योजना बना रहा है। फ्रांस के इंजन निर्माता सफरान ने पहले ही भारत को संयुक्त रूप से विमान इंजन विकसित करने के साथ गर्म इंजन प्रौद्योगिकी साझा करने के प्रस्ताव की पेशकश की है।

राफेल लड़ाकू विमान का निर्माण फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन द्वारा किया जाता है। राफेल 4.5 पीढ़ी का सभी तरह की भूमिकाएँ निभाने वाला विमान है। इसका मतलब है कि यह एक बार में कम से कम चार अभियानों को अंजाम दे सकता है। इस लड़ाकू विमान में हैमर मिसाइल लगाई गई हैं।