समाचार
आईएस में शामिल केरल की 4 स्त्रियों को अफगानिस्तान से भारत लौटने की अनुमति नहीं

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के अनुसार, चार भारतीय महिलाएँ अपने पतियों के साथ खुरासान प्रांत के इस्लामिक स्टेट (आईएसकेपी) में शामिल होने के बाद अफगानिस्तान की जेल में बंद हैं। अब उन्हें भारत लौटने अनुमति नहीं दी जाएगी।

केरल की चारों महिलाओं ने 2016 और 2018 के बीच अफगानिस्तान के नंगरहार की यात्रा की थी। द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, 13 देशों के इस्लामिक स्टेट के करीब 408 आतंकी अफगानिस्तान की जेलों में बंद हैं। इनमें चार भारतीय, 16 चीनी, 299 पाकिस्तानी, दो बांग्लादेशी, दो मालदीव के हैं।

अफगानिस्तान में अलग-अलग हमलों में अपने पतियों के मारे जाने के बाद अफगान अधिकारियों ने चारों भारतीयों को जेल में बंद कर दिया। उनके नाम सोनिया सेबेस्टियन उर्फ ​​आयशा, रफीला, मेरिन जैकब उर्फ ​​मरियम और निमिशा उर्फ ​​फातिमा ईसा हैं।

इनके आत्मसमर्पण के बाद 2019 में काबुल में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा उनका साक्षात्कार लिया गया था, जिसमें पता चला कि वे अत्यधिक कट्टर हैं।

अधिकारी ने कहा, “विचार था कि उन्हें वापस आने और यहाँ के मामलों में एक सरकारी गवाह बनने की अनुमति देना। हालाँकि, उनके साक्षात्कार से पता चला कि वे अत्यधिक कट्टर हैं। फ्रांस मॉडल का पालन और अफगानिस्तान के अधिकारियों से उन पर मुकदमा चलाने का अनुरोध किया जा सकता है।